इस पोस्ट में होली के अवसर पर दो बंगला होली गीतों का आनंद लीजिये-
पहले पंडित अजय चक्रवर्ती की आवाज़ में-
होली खेलीछे श्याम कुंज कानने
फिर कई रागों का मिश्रण इस गीत में। बसंत राग की छाया में रचा गया ये गीत मानवेन्द्र मुखर्जी और श्यामल मित्र की आवाज़ में सुनिये-
सुंदर नटवर खेलत होरी-
सभी को २००९ में होली की शुभकामनायें।
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Saturday, March 07, 2009
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