मां की इच्छा से ही संगीत सीखा। गंधर्व महाविद्यालय, मुंबई से संगीत विशारद की डिग्री। आकाशवाणी रायपुर से समय-समय पर ग़ज़ल गायन। राज्य स्तर पर अपने यूनिवर्सिटी का शास्त्रीय संगीत में प्रतिनिधित्व ।
इस ब्लाग का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानकारी देना है, जीवन के इस भागमभाग के चलते जब जैसा समय मिले...
(विशेष आभार- हरीशचंद्र श्रीवास्तव की किताब राग परिचय)
3 comments:
aawaaz, haalaanki
sun nahi paa rahaa hooN,,
ummeed hai
k is naayaab kalaam ko
bahut achhaa hi gaya hoga aapne .
mubarakbaad .
bahut khoobsurat awaaz
कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया ..
लफ्ज़ " तोड़ " पर ली गयी गमक लाजवाब लगी
शेरों के मिज़ाज के मुताबिक ही किया गया गायन
उस ग़ज़ल को अमर बना देता है
आप मुबारकबाद की हक़दार हैं !!
"daanish"
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