Saturday, January 17, 2009
राग मुल्तानी आवाज़ में सिखाने की कोशिश
पिछले दो पोस्ट में राग मुल्तानी की लिखित रूप से पूरी जानकारी दी गई थी और बंदिश भी लिखी थी। ये बंदिश मुझे मेरी गुरु श्रीमती सोनी से मिली थी। राग मुल्तानी को एक कठिन राग माना गया है और उसकी कुछ विशेषतायें होती हैं जो किसी अन्य राग से उसे पृथक करती हैं।
(एक बार फिर- ये ब्लाग सीखने वालों के लिये है, इसलिये बहुत ही आसान शब्दों में नये सीखने वालों के लाभ हेतु, कुछ अंग्रेज़ी शब्दों का भी प्रयोग हुआ है)
प्लेयर पर क्लिक करें। वैसे तो अपने आप ही सभी रिकार्डिंग बजनी चाहियें एक के बाद एक, अगर दिक्कत हो तो आप हर फ़ाइल के नाम पर क्लिक कर के सुन सकते हैं। (ये घर पर की गई रिकार्डिंग है, कृपया तकनीकी त्रुटियों को नज़रअंदाज़ करें)
(किसी भी त्रुटि के लिये अपने गुरुओं से क्षमाप्रार्थी हूँ।)
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4 comments:
बहुत बेहतरीन!!
मगर अब मौलाना क्या सीख पायेंगे तो तारीफ करके निकल लेते हैं. :)
सीख तो क्या पायेंगे लेकिन सुना और अच्छा लगा।
आखिरकार सुन ही लिया... समझ कितना आया इसका दावा नहीं.
Excellent post, thanks!
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